स्थानीय सरकारको काम मैथिली भाषामा
काठमाडौं । सुनसरी भोक्राहा नरसिंह गाउँपालिका–२ का जब्बार मियाँ भोक्राहा इनरूवा–८ डुम्रहाके बङकुलवामे १४ बिघा क्षेत्रफलमे सामूहिक केराखेती केने अइछ । करिब ५० लाख टकाके लागतमे जन, खाद्यमल, बीयाके अभावलगायत समस्याके बादो केराखेती केलैन। नगदेबाली केराखेतीसँ बढ़िया आम्दानी हेतै ताहिमे मियाँ निश्चिन्त छलैथ । मियाँ जकाँ खुर्सीद अन्सारी दू बिघामे केराखेती केलैन अइछ । नौँ लाख लागतमे ओ केराखेती केने छलैथ । ओ सेहो लगानीसहित नाफा लेबाक विश्वासक साथ केराके रेखदेख करैत छलैथ । मुदा किछ दिनपहिने हावा बिहाइर केराखेतीमे क्षति केलासँ ओसभ निराश भेल छैथ ।
केराखेतीमे कएल गेल लगानीअनुसार प्रतिफल अएबाक निश्चिन्त भेलोपर वर्षासङे आएल हावा बिहाइरसँ केराखेतीमे पैघ क्षति भेल ओसभ जानकारी देलैन अइछ । ओ दुनु गोटे सुनसरीक लेल उदाहरणके पात्रमात्र छैथ । दू दिन लगातार असिनापाइनसङे आएल बिहाइरके कारण सुनसरीक अधिकांश किसानके केराखेतीमे क्षति भेल कृषि ज्ञान केन्द्र इनरूवा सुनसरी जनौलक अइछ ।
वितल रैवदिन राइत आ सोमदिन साँझके बिहाइरसँ खेतमे लगाएल केराके गाछी खइस क पैघ क्षति भेल अइछ । स्थानीय किसान कर्जा ल क कएल गेल केराखेतीमे एकेबेर एना विशाल हावाबिहाइरमे लाखौँके लगानी क्षति भेल शिकायत स्थानीय किसान केलक अइछ ।
ओ दुनु गोटे सुनसरीक लेल उदाहरणके पात्रमात्र छैथ । दू दिन लगातार असिनापाइनसङे आएल बिहाइरके कारण सुनसरीक अधिकांश किसानके केराखेतीमे क्षति भेल कृषि ज्ञान केन्द्र इनरूवा सुनसरी जनौलक अइछ । वितल रैवदिन राइत आ सोमदिन साँझके बिहाइरसँ खेतमे लगाएल केराके गाछी खइस क पैघ क्षति भेल अइछ ।
स्थानीय किसान कर्जा ल क कएल गेल केराखेतीमे एकेबेर एना विशाल हावाबिहाइरमे लाखौँके लगानी क्षति भेल शिकायत स्थानीय किसान केलक अइछ । सुनसरी सदरमुकाम इनरूवासहित दक्षिणवर्ती क्षेत्रमे बेर–बेर आएल बिहाइर केराखेतीसहित गहुँम आ मकैँखेतीमे सेहो क्षति भेल स्थानीय किसान बताैलैन । इनरूवासहित, गढी गाउँपालिका, भोक्राहा नरसिंह, हरिनगर आ देवनागञ्ज क्षेत्रके केरा बगानके लगभग सब केराके गाछी खसल स्थानीय किसान जब्बर मियाँ बताैलैन । दू महिनाबाद बजारमे बिकैबला अवस्थामे रहल केरा खसलासँ आर्थिक क्षति भेल इनरूवा केरा पकेट समितिके अध्यक्ष हरि मेहता बताैलैन । खसल गाछीके हटा क नयाँ केरा लेल जमिन तैयार करैएमे आब प्रतिबिघा लाखौँ खर्च होबाक किसानके कहब अइछ ।
बिहाइरसँ केराखेतीमे एखनधैर सबसँ बेसी नोक्सानी भेल किसान श्यामकुमार यादव दाबी केलैन । सुनसरीमे वार्षिक रूपमे पाँच सओ २० हेक्टर अर्थात् एक हजार बिघामे केराखेती होइत रहल कृषि ज्ञान केन्द्रक प्रमुख निलकमल सिंह जानकारी देलैन अइछ ।

